बाल यौन हिंसा के बढ़ते मामले चिंताजनक
   दिनांक 01-मई-2018

पिछले दिनों नई दिल्ली के इंडिया हैबिटेड सेंटर में नोबेल शांति पुरस्कार विजेता कैलाश सत्यार्थी ने बाल यौन हिंसा की लगातार बढ़ रही घटनाओं पर चिंता व्यक्त की। उन्होंने कहा कि देश में हर पल दो बेटियां बलात्कार की शिकार हो रही हैं और इसमें से कई को मार दिया जाता है। तो वहीं प्रत्येक दिन भारत में 55 बच्चे दुष्कर्म के शिकार हो रहे हैं और हजारों मामलों की रिपोर्टिंग नहीं हो पाती। उन्होंने कहा कि आधुनिक और स्वतंत्र भारत बनाने का उद्देश्य तब तक पूरा नहीं हो सकता जब तक कि बच्चे असुरक्षित हैं। इसलिए राजनीतिक दलों से अपील है कि वे इस मुद्दे की गंभीरता को समझें और दुष्कर्म के शिकार बच्चों को जल्द से जल्द न्याय मिल सके, इसके लिए संसद का कम से कम एक दिन बच्चों को समर्पित करें। उन्होंने कहा कि भारत में बाल यौन के जितने भी मुकदमे दर्ज किए जाते हैं उन्हें लचर न्यायिक व्यवस्था के चलते निपटाने में दशकों लग जाते हैं। इसलिए बच्चों को स्वाभाविक रूप से न्याय मिल सके इसके लिए नेशनल चिल्ड्रेन्स ट्रिब्यूनल एवं बच्चों से संबंधित लंबित पड़े मुकदमों का त्वरित निपटान हो। कार्यक्रम में शिक्षाशास्त्रियों, विश्वविद्यालय और कॉलेज के शोधार्थियों, सिविल सोसाइटी संगठन के प्रतिनिधियों, संयुक्त राष्टÑ एजेंसियों के प्रतिनिधियों ने भाग लिया। प्रतिनिधि