एकता के लिए बनाना है समरस समाज
   दिनांक 01-मई-2018

 
आर्य समाज, दिल्ली द्वारा विश्व हिन्दू परिषद के नव निर्वाचित अंतरराष्टÑीय अध्यक्ष श्री विष्णु सदाशिव कोकजे तथा नवनिर्वाचित कार्यकारी अध्यक्ष श्री आलोक कुमार के अभिनन्दन हेतु गत दिनों करोलबाग में यज्ञ-आहुति कार्यक्रम आयोजित किया गया। इस अवसर पर श्री आलोक कुमार ने कहा कि पदभार ग्रहण करने से पूर्व हमने तय किया कि हम सब भगवान वाल्मीकि जी के उस मंदिर में जाएंगे, जिसकी बगल में महात्मा गांधी 214 दिन रहे थे। हिन्दू समाज में आज जो जातीय विद्वेष हो रहा है, अनुसूचित जाति के भाइयों को जो परेशानी हो रही है, उस परेशानी को हमें दूर करके हिन्दू समाज की एकता के लिए समरस समाज बनाना है। यह हमारी पहली जिम्मेदारी है। इसी तरह आने वाले दिनों में एक समरस व संस्कारित समाज बनेगा। कार्यक्रम में प्रमुख रूप से उपस्थित श्री विष्णु सदाशिव कोकजे ने कहा कि अंधकारमय समय में अगर हम आशा की किरण ढूंढना चाहते हैं तो उसमें आर्य समाज का आन्दोलन और इतिहास एक बहुत बड़ा संबल रहा है।
 
महर्षि दयानंद के समय में आज से कई गुना विकट परिस्थिति थी। उस समय उन्होंने हिन्दू समाज को संगठित कर उसमें व्याप्त अनेक कुरीतियों पर चर्चा करके उनको हटाने का प्रयत्न किया था। इतने विपरीत वातावरण में अगर महर्षि दयानंद सरस्वती ने उन कुरीतियों को हटा यज्ञ विद्या की पुनर्स्थापना की तो आज के अनुकूल वातावरण में हमें विश्वास है कि हम हिन्दू समाज में जो कुरीतियां, कमियां आ गई हैं, उसे दूर कर के हिन्दू समाज को फिर से संगठित कर सकते हैं। इस अवसर पर मौजूद गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय के प्रोफेसर ड़ॉ. महावीर ने कहा कि हरिद्वार में गुरुकुल कांगड़ी विश्वविद्यालय की स्थापना करने वाले स्वामी श्रद्धानंद, महर्षि दयानंद के बाद ऐसे महापुरुष थे, जिन्होंने हिन्दुओं के संगठन के लिए न केवल काम किया, बल्कि अपने जीवन की आहुति तक दे डाली। जब तक हिन्दू समाज एक नहीं होगा, तब तक बाहरी आक्रमणों से नहीं बचा जा सकता। (इंविसंकें, नई दिल्ली)