हिन्दुओं की आस्था का केन्द्र है अयोध्या’
   दिनांक 01-मई-2018

‘‘राम जन्मभूमि पर विवाद ढाई दशकों से न्यायालय में चल रहा है। वास्तव में यह झगड़ा राम मन्दिर का नहीं, राम जन्मस्थान का है। रामजन्म स्थान धरती पर एक ही है। इसलिए अयोध्या नगरी हिन्दुओं की आस्था का केन्द्र है।’’ उक्त बात राष्टÑीय स्वयंसेवक संघ की अखिल भारतीय कार्यकारिणी के सदस्य श्री इंद्रेश कुमार ने कही। वे गत दिनों जयपुर के चैम्बर आॅफ कॉमर्स में हिमालय परिवार द्वारा ‘रामजन्म स्थली अयोध्या का सच’ विषय पर आयोजित संगोष्ठी में मुख्य वक्ता के रूप में संबोधित कर रहे थे। उन्होंने कहा कि इतने लम्बे समय से विवाद का हल नहीं निकला, जबकि न्यायालय के दो फैसले जन्मभूमि के पक्ष में आ चुके हैं। विवादित ढांचे के पक्ष में अब तक किसी प्रकार का कोई साक्ष्य नहीं मिला है। बल्कि खुदाई में राम जन्मस्थान के लाखों वर्ष पुराने प्रमाण मिले हैं। विवादित ढांचे का निर्माण बाबर ने अपने नाम पर किया जो इस्लाम के अनुसार भी मान्य नहीं है, क्योंकि इस्लाम में व्यक्ति के नाम पर मजहबी स्थान का नाम नहीं रखा जा सकता। न ही किसी अन्य धर्म के पूजा स्थल को तोड़कर बनाया जा सकता है। उन्होंने कहा कि अब तक भारत में अनेक मुस्लिम आक्रांता आए और चले गए, किन्तु किसी ने मुसलमानों के लिए अच्छी शिक्षा, स्वास्थ्य और रोजगार की व्यवस्था नहीं की। मुसलमानों को हमेशा अनपढ़, बेरोजगार और बीमार रखा गया। यही कारण है कि मुसलमानों को सभी जगह लोग पराये नजर आये, अपने नहीं और उन्होंने आतंक की शरण ली। उन्होंने कहा कि गाय को हिन्दू धर्म में मां माना गया है। जन्म देने वाली माता होती है, किन्तु गाय भी हमारा पोषण करती है। गाय विष ग्रहण करके अमृत देती है। किन्तु मनुष्य अमृत ग्रहण करके जहर निकालता है। गो हत्या किसी मत-पंथ में मान्य नहीं है। (विसंकें, जयपुर)