समरसता से ही होगा शक्तिशाली समाज का निर्माण
   दिनांक 01-मई-2018

पिछले दिनों उत्तराखंड के चमोली में राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ द्वारा क्षेत्र की विभिन्न शाखाओं के स्वयंसेवकों का समागम हुआ। कार्यक्रम में मुख्य वक्ता के रूप में उपस्थित प्रांत प्रचारक श्री युद्धवीर ने कहा कि सामाजिक समरसता व समन्वय से ही समाज शक्तिशाली और संगठित होगा, तभी भारत विश्व गुरु बनेगा। संघ विगत 92 वर्षों से शाखा के माध्यम से यही कार्य कर रहा है। दैनिक एक घण्टे की शाखा में अनुशासन से युक्त स्वयंसेवक बनाकर संघ चरित्र निर्माण के माध्यम से सशक्त राष्ट्र निर्माण में निरंतर लगा है। उन्होंने पर्यावरण को केन्द्र में रखते हुए कहा कि हम वृक्ष लगाकर उन्हें अपने बच्चों की तरह पालें ताकि पर्यावरण का संरक्षण हो। इसलिए सभी स्वयंसेवक संकल्प लें कि विभिन्न प्रकार के नशों से समाज को नशामुक्त करेंगे। स्वयंसेवक समागम के अध्यक्ष डॉ़ आऱ वी़ एस़ रावत ने कहा कि हिमालय भारत का सिरमौर है। यह हम सबके जीवन का आधार है। संघ के स्वयंसेवकों ने हरेला जैसे पारंपरिक पर्व को अंतरराष्ट्रीय स्तर पर पहुंचाकर पर्यावरण के संरक्षण का दायित्व निभाया है। प्राकृतिक आपदाओं तथा युद्ध के समय सैनिकों को सहयोग करने में संघ की महत्वपूर्ण भूमिका रही है, यह प्रशंसनीय है। (विसंकें, देहरादून)